क्या है फिलिस्तीन और हमास के विषय की जानकारी?

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फिलिस्तीन एक मुस्लिम देश के रूप में जाना जाता है। फिलिस्तीन दो भागों में बंटा है। फिलिस्तीन का पहला भाग फिलिस्तीन वेस्ट वैंक है। यह जार्डन नदी के वेस्ट वैंक (पश्चिमी तट) पर स्थित है, इसलिए यह फिलिस्तीन वेस्ट वैंक कहलाता है। फिलिस्तीन का दूसरा भाग गाजा पट्टी है।  

फिलिस्तीन वेस्ट वैंक में फिलिस्तीनी लिबरेशन आर्गनाइजेशन (P.L.O.) की सरकार है। इसे अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है। फिलिस्तीनी लिबरेशन आर्गनाइजेशन कई दलों का बहुदलीय संघबद्ध संगठन है।

फिलिस्तीन में शासकीय व्यवस्था के लिए फिलिस्तीनी राष्ट्रीय प्राधिकरण (P.N.A.) का गठन किया गया है। फिलिस्तीनी राष्ट्रीय प्राधिकरण एक शासी निकाय है। इसका प्रमुख राष्ट्रपति होता है और यह सरकार चलाता है। फिलिस्तीन में राष्ट्रपति का कार्यालय 4 वर्ष का होता है। फिलिस्तीन में एक सदनीय विधायिका है, जिसे फिलिस्तीनी विधान परिषद (P.L.C.) कहा जाता है। फिलिस्तीन में चुनी हुई सरकार का प्राविधान है। यह व्यवस्था फिलिस्तीन वेस्ट वैंक तथा गाजा पट्टी सहित पुरे फिलिस्तीन के लिए है। लेकिन अब यह केवल फिलिस्तीन वेस्ट वैंक में है और यहां फिलिस्तीनी लिबरेशन आर्गनाइजेशन की सरकार है। 

गाजा पट्टी पर सशस्त्र संगठन हमास ने कब्जा कर रखा है, और शासन चलाता है। इसका विरोध फिलिस्तीनी लिबरेशन आर्गनाइजेशन करता है। गाजा पट्टी पर हमास के शासन को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नही है। हमास द्वारा इजराइल पर आतंकवादी हमला करके बर्बर हत्या और हैवानियत करने के बाद इजराइल ने हमास के साथ युद्ध की घोषणा करके हमास को खत्म करने के लिए हमास से इजराइल युद्ध लड़ रहा है। इजराइल गाजा के अंदर घुस गया है और हमास के आतंकवादियों को खत्म कर रहा है। 

फिलिस्तीन में वर्ष 2005 में राष्ट्रपति के चुनाव में महमूद अब्बास राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। वर्ष 2007 मे सशस्त्र संगठन हमास ने गाजा पट्टी पर कब्जा करके सत्ता सभाल लिया। हमास से संघर्ष के कारण फिलिस्तीन में अगले चुनाव स्थगित हो गये और राष्ट्रपति महमूद अब्बास को अगले चुनाव तक पद पर बने रहने की फिलिस्तीन लिबरेशन आर्गनाइजेशन की सहमति हुयी। लेकिन यह केवल फिलिस्तीन वेस्ट वैंक के ही राष्ट्रपति हो पाये। 

महमूद अब्बास फिलिस्तीन के राष्ट्रपति यासिर अराफात के राजनीतिक उत्तराधिकारी थे। यासिर आराफात वर्ष 1989 में फिलिस्तीन के राष्ट्रपति बने और वर्ष 2004 में वे अपनी मृत्यु तक राष्ट्रपति बने रहे। उसके बाद उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी महमूद अब्बास फिलिस्तीन के राष्ट्रपति बने।

   ___राजेश मिश्रा_

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