सनातन हिन्दूओं और सनातन हिन्दू धर्म के लिए खतरा हैं भारत का राजनीतिक छद्दम हिन्दू
जब से सनातन हिन्दूओं में जनजागरण पैदा हुआ है, सनातन हिन्दू अपने धर्म, संस्कार और संस्कृति के प्रति श्रद्धावान हुआ है, सनातन हिन्दू स्वयं को हिन्दू होने और कहलाने में गर्व करने लगा है, तब से भारत की राजनीति में देश की शासन सत्ता येन केन प्रकारेण प्राप्त करने के लिए एक राजनीतिक छद्दम हिन्दू वर्ग का उदय हुआ है। ये राजनीतिक छद्दम हिन्दू, सीधे-साधे सनातन हिन्दूओं को जाति में बांटकर, गुमराह करके, दुष्प्रचार करके, विद्वेष पैदा करके, जाति की खाई गहरी करके, लोभ लालच देकर, सनातन हिन्दूओं को आपस में लड़ाकर देश की शासन सत्ता किसी तरह से हासिल करना चाहता है।
चुनाव आते ही ये राजनीतिक छद्दम हिन्दू सीधे-साधे सनातन हिन्दूओं को लुभाने के लिए लुभावने कार्यक्रम करने लगता है, अपने आप को कट्टर हिन्दू कहलाने की कोशिश करने लगता है, और इसी प्रायोजन में माथे पर टीका लगाने लगता है, भगवा वस्त्र धारण करने लगता है, मंदिरों का चक्कर लगाने लगता है, सनातन हिन्दूओं का धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने लगता है, रामचरितमानस और हनुमान चालीसा का पाठ करने लगता है, दुर्गा सप्तशती का पाठ करने लगता है।
ये राजनीतिक छद्दम हिन्दू, सनातन हिन्दूओं और सनातन हिन्दू धर्म के लिए बहुत बड़ा खतरा हैं। ये राजनीतिक छद्दम हिन्दू शासन सत्ता प्राप्त करने के बाद सनातन हिन्दूओं और सनातन हिन्दू धर्म के विरूद्ध षड्यंत्र करते हैं।
ये राजनीतिक छद्दम हिन्दू बहुत ही सुनियोजित तरीके से सनातन हिन्दू धर्म को खत्म करने की साजिश करते है, सनातन हिन्दू धर्म को गाली देते है, सनातन हिन्दू धर्म के देवी देवताओं को काल्पनिक कहते हैं, सनातन हिन्दू धर्म के देवी देवताओं का अपमान करते हैं, सनातन हिन्दू धर्म ग्रंथों का अपमान करते हैं, सनातन हिन्दू धर्म ग्रंथों की गलत ब्याख्या करके लोगों को गुमराह करते हैं, और ये सनातन हिन्दू धर्म को खत्म करने की बात करते हैं।
इसीलिए सभी सनातन हिन्दूओं को राजनीतिक छद्दम हिन्दूओं से सावधान रहना चाहिए। राजनीतिक छद्दम हिन्दूओं का सनातन हिन्दू धर्म और इसके संस्कार एवं संस्कृति से कोई संबंध नहीं है। यह केवल इनका दिखावा, साजिश और छल है।
___राजेश मिश्रा_
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