कांग्रेस कार्य समिति में इजराइल पर हमास के मुस्लिम आतंकवादी हमले की निंदा न करना और हमास का समर्थन करना भारत में होने वाले चुनावों में कांग्रेस का मुस्लिम तुष्टिकरण निति_
इजराइल पर फिलिस्तीनी संगठन हमास के मुस्लिम आतंकवादियों द्वारा इस्लाम के नाम पर हमला करके निर्ममता से जनसंहार किया गया और हैवानियत की सारी सीमाएं तोड़ दिया गया। हमास द्वारा महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, और विमार लोगों की बर्बरता से हत्या की गई, घरों में आग लगा दिया गया, महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया, महिलाओं को नंगा करके मार कर सड़कों पर घुमाया गया और अल्लाह हू अकबर का नारा लगाया गया। इजराइल में हमास ने सैकड़ों लोगों की हत्या किया, हमास के हमले से सैकड़ों लोग घायल हुए और सैकड़ों लोगों को हमास द्वारा बंधक बनाया गया
सभी लोकतांत्रिक और सभ्य देशों ने हमास के, निर्मम, बर्बर, हैवानियत भरे क्रूर मुस्लिम आतंकवादी हमले की निंदा किया, भारत सरकार ने भी इस आतंकवादी हमले की निंदा किया और आतंकवाद के विरुद्ध इजराइल के साथ खड़े रहने की बात की। लेकिन भारत में मुस्लिम संगठनों, मुस्लिम नेताओं, मौलानाओं, वामपंथियों और कांग्रेस ने इजराइल पर हमास के मुस्लिम आतंकवादी हमले की निंदा नही किया और केवल फिलिस्तीन की बात करते हुए हमास का समर्थन किया।
कांग्रेस कार्य समिति में इजराइल पर हमास के मुस्लिम आतंकवादी हमले की निंदा न करते हुए केवल फिलिस्तीन की बात करके हमास के मुस्लिम आतंकवादी हमले के समर्थन का प्रस्ताव पास किया।
इजराइल एक यहूदी देश है और फिलिस्तीन एक मुस्लिम देश है, इसलिए भारत के मुसलमान फिलिस्तीन और फिलीस्तीनी संगठन हमास का समर्थन कर रहे है। भारत के मुसलमान फिलिस्तीन और हमास के समर्थन में तथा इजराइल के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
भारत में कुछ राज्यों में विधानसभा का चुनाव होने वाला है और लोकसभा का चुनाव भी नजदीक आ गया है। इसी को देखते हुए कांग्रेस ने मुसलमानों को अपने पाले में करने के लिए लिए इजराइल पर हमास के मुस्लिम आतंकवादी हमले की निंदा न करते हुए केवल फिलिस्तीन की बात करके हमास का समर्थन किया।
स्पष्ट है कि मुसलमानों के वोट के लिए कांग्रेस का हाथ आतंकवाद के साथ है। कांग्रेस की ऐसी मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति भारत के भविष्य के लिए खतरनाक है।
___राजेश मिश्रा_
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