उतर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी क्या ब्राह्मण विरोधी हैं?

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उतर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी क्या ब्राह्मण विरोधी हैं?
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कुछ दिनों पहले लखनऊ में ब्राह्मण विधायकों के "सहभोज बैठक" पर उतर प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी के "नवनियुक्त प्रदेश" अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सहभोज बैठक में सम्मिलित भारतीय जनता पार्टी के ब्राह्मण विधायकों को धमकी देते हुए चेतावनी दिया कि यदि ब्राह्मण विधायक आपस में बैठक किये तो उनके उपर कार्यवाही की जायेगी। इससे भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का ब्राह्मण विरोधी छवि प्रदर्शित होता है।

#जबकि_कुछ_दिनो_पहले

अयोध्या में कुर्मी समाज की बैठक हुई थी, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के पुर्व प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद थे तथा भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी पार्टी "अपना दल" की नेत्री और केंद्र सरकार की मंत्री अनुप्रिया पटेल मौजूद थी।

लखनऊ में अवध क्लार्क पांच सितारा होटल में क्षत्रिय विधायकों की "कुटुंब बैठक" हुई थी, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के विधायक शामिल हुए थे।

लखनऊ में सीटी मोंटेसरी स्कूल के आडोटेरियम में लोध समाज की बैठक हुई थी, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के विधायक और कार्यकर्ता सम्मलित हुए थे।

कुर्मी, क्षत्रिय, लोध और अन्य जातियों के किसी बैठक से भारतीय जनता पार्टी के किसी भी नेता को कोई पीड़ा और दिक्कत नही होती है। लेकिन ब्राह्मण विधायकों के सहभोज बैठक से भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को पीड़ा और दिक्कत होने लगी। ये ब्राह्मण विधायकों को जाति की राजनीति न करने का ज्ञान दे रहे हैं। लेकिन यह केवल ब्राह्मणों के लिए ही क्यो?

मै भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से पुछना चाहता हूं कि यदि आपको जाति की राजनीति पसंद नही है तो भारतीय जनता पार्टी में पिछड़ा मोर्चा क्यों? अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति मोर्चा क्यों? तथा अल्पसंख्यक मोर्चा क्यों?

भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने की योग्यता इनका तथाकथित पिछड़ी कुर्मी जाति का होना है। जिससे उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में तथाकथित सभी पिछड़ी जातियों को भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जोड़ा जा सके। क्योंकि उत्तर प्रदेश में पिछड़ी जाति के नाम पर कई राजनीतिक पार्टियां बनी है। सभी राजनीतिक पार्टियों का पुरा राजनीतिक समीकरण ही जातिवादी ब्यवस्था पर आधारित है और भारतीय जनता पार्टी को पिछड़ी जातियों के वोटों का विखरने का डर रहता है। उत्तर प्रदेश में 7% तथाकथित पिछड़ी कुर्मी जाति का वोटर है। 17% ब्राह्मण वोटर है, इसमे से 95% ब्राह्मण भारतीय जनता पार्टी को वोट देता और और शेष सवर्णो का अधिकतर वोट भी भारतीय जनता पार्टी को ही मिलता है।

सवर्ण जातियाँ भारतीय जनता पार्टी का मुख्य वोटर हैं। इसलिए भारतीय जनता पार्टी में यदि पिछड़ा मोर्चा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति मोर्चा तथा अल्पसंख्यक मोर्चा है तो सवर्ण मोर्चा भी होना चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के ब्राह्मण विरोधी बयान के कुकृत्य से ब्राह्मण समाज में गहरी नाराजगी है। इससे भारतीय जनता पार्टी को आगामी चुनाव में नुकसान हो सकता है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को प्रदेश अध्यक्ष के पद से पंकज चौधरी को तुरंत हटाना चाहिए।

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