काॅकरोच जनता पार्टी (CJP) के जेन जी (Gen Z) छात्र आंदोलन में सवर्ण छात्रों के उत्पीड़न का यूजीसी एक्ट मुद्दा क्यों नही?

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काॅकरोच जनता पार्टी (CJP) के जेन जी (Gen Z) छात्र आंदोलन में सवर्ण छात्रों के उत्पीड़न का यूजीसी एक्ट मुद्दा क्यों नही?
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 20 जून 2026 से दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन मुख्य रूप सेे नीट (NEET) पेपर लीक व सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक और देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़ा को लेकर किया जा रहा है। 20 जुलाई 2026 को CJP द्वारा बुलाए गए 'संसद चलो' मार्च का आयोजन किया गया।

छात्रो के इन सभी मुद्दो का मै भी समर्थन करता हूँ, लेकिन इस आंदोलन को एक महीन हो गया लेकिन इस आंदोलन में सवर्ण छात्रों के उत्पीड़न के यूजीसी एक्ट पर किसी के द्वारा बात नही किया गया।

इस आंदोलन में सनातन हिन्दू धर्म, सनातन हिन्दू देवी देवताओं, ब्राह्मणबाद और मनुबाद के विरुद्ध बाते की गई, ब्राह्मणवाद और मनुवाद "मुर्दाबाद" के नारे लगाए गए।

इस आंदोलन में वामपंथी कार्यकर्ता और दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (DUTA) की पूर्व अध्यक्ष नंदिता नारायण द्वारा मशहूर पाकिस्तानी शायर फैज़ की नज्म "बस नाम रहेगा अल्लाह का" गाया गया। नंदिता नारायण के पति का नाम राशिद अंसारी है, जो एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं और इनका संबंध काग्रेंस के नेता और भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के परिवार से है।

इस आंदोलन में कॉमेडियन कुणाल कामरा द्वारा "राम और सीता" का मजाक उड़ाया गया।

इस आंदोलन में काॅकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता विजेता दहिया ने अश्वनी टॉक्स पॉडकास्ट में "प्रसिद्ध संत प्रेमानंदजी महाराज" पर अशोभनीय टिप्पणियां की गयी और इनका मजाक उड़ाया तथा इन पर कथित रूप से "ब्राह्मणवाद" को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

इस आंदोलन में मंच से उमर खालिद और शरजील इमाम के रिहाई की मांग की गई, इनके समर्थन में भाषण दिए गए, और इनके पक्ष में नारेबाजी की गयी।

उमर खालिद और शरजील इमाम दोनो जेल में बंद है। उमर खालिद के उपर "भारत तेरे टुकड़े होंगे" नारे लगाने का आरोप है। 9 फरवरी 2016 को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु और मकबूल भट के फांसी की बरसी पर एक विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम के आयोजन के दौरान "भारत तेरे टुकड़े होंगे" का नारा लगाया गया था। उमर खालिद पर आरोप है कि देश के विभिन्न हिस्सों में भड़काऊ भाषण दिए ताकि लोगों को हिंसा के लिए उकसाया जा सके, और वर्ष 2020 में 24 और 25 फरवरी को तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर दिल्ली आने के समय भारत की छवि अतंरराष्ट्रीय स्तर पर खराब करने के उद्देश्य से उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की 'बड़ी साजिश' रचने का आरोप है। इसमें बहुत से लोग मारे गए थे और घायल हुए थे। शरजील इमाम पर आरोप है कि 16 जनवरी 2020 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम के आयोजित सभा में भाषण के दौरान देश की संप्रभुता के खिलाफ पुर्वोत्तर भारत के चिकेन नेक कारिडोर को काट कर पुर्वोत्तर भारत को अलग करने की बात की थी। 

#राजेश_मिश्रा
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