काॅकरोचों का यह कैसा आंदोलन है?
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काॅकरोचों का यह कैसा आंदोलन है?
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काॅकरोचों की "चुतिया जनता पार्टी" का आंदोलन किस लिए हो रहा है यह समक्ष में नही आ रहा है। इस आंदोलन में ब्राह्मणवाद का दुष्प्रचार किया जाता है। आंदोलनकारी नारे लगाते है, "ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद", "मनुबाद मुर्दाबाद", और "तिलक, तराजू और तलवार, इनको मारो जूते चार", यहां तिलक से ब्राह्मण, तराजू से वैश्य और तराजू से क्षत्रिय का अभिप्राय है। इस आंदोलन में गाया जाता है, "बस नाम रहेगा अल्लाह का"। इस आंदोलन में सनातन हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान किया जाता, और सनातन हिन्दू संत-महात्माओं का अपमान किया जाता है। इस आंदोलन में यह पुछा जाता है कि भारत माता का बाप कौन है। इस आंदोलन में देश विरोधी बातें होती है। इस आंदोलन में शिखा रखने वाले छात्रों को मारा जाता है।
ऐसा लगता है कि नीट (NEET) पेपर लीक व सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक, और देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, तथा भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़ा के नाम पर शुरू हुआ यह आंदोलन ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य के विरुद्ध किया जा रहा है, सनातन हिन्दू धर्म के विरुद्ध किया जा रहा है, सनातन हिन्दू देवी-देवताओं और संत-महात्माओं के विरुद्ध किया जा रहा है, देश के विरूद्ध किया जा रहा है, और इस्लाम को स्थापित करने के लिए किया जा रहा है। इस आंदोलन को देख कर ऐसा लगता है कि इस आंदोलन में एक राजनीति ऐजेंडा छुपा है, और यह आंदोलन छात्रों का नही है। यह आंदोलन एक नफरती और जहरीले वर्ग विशेष का है।
#राजेश_मिश्रा
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